बज्जूबीकानेर संभाग

बीकानेर : 22.50 लाख की ऑनलाइन ठगी में एक गिरफ्तार, 7.60 लाख बरामद

ऑनलाइन पर पॉलिसी तथा बोनस देने के नाम पर लाखों रूपए की ठगी करने के मामले में बज्जू पुलिस ने एक जने को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लाखों रूपए बरामद किए

बज्जू। ऑनलाइन पर पॉलिसी तथा बोनस देने के नाम पर लाखों रूपए की ठगी करने के मामले में बज्जू पुलिस ने एक जने को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लाखों रूपए बरामद किए है। आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां उसको न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस इस ठगी में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा ठगी में बीमा एजेंसियों के शामिल होने के अंदेशा के चलते पूरे मामले की गहनता से छानबीन करने में जुटी है।



7 लाख 60 हजार की बरामद

सहायक उप निरीक्षक आदेश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद उनके नेतृत्व में टीम गठित की गई। कांस्टेबल छगनलाल, प्रवीण कुमार, संजय कुमार सहित साइबर सेल के दीपक यादव की मदद से बैंक खातों का रिकॉर्ड, पेटीएम वॉलेट का रिकॉर्ड प्राप्त कर कॉल डिटेल, आईडी के आधार पर वर्तमान लॉकेशन का पता लगा कर गैंग का पर्दाफाश किया।


दिल्ली सहोदरा मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र अशोक नगर से आरोपी अमित गुप्ता को 10 अप्रैल को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से 7 लाख 60 हजार की बरामद किए। बज्जू थाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। इसके बाद 11 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए हैं। उनके मुताबिक गैंग का मुखिया अंकुर वर्मा है जबकि उसके साथ शरद गुप्ता, रोहित सैनी, चन्दन गुप्ता, सुरजभान, उपासना भान तथा मौनू शाह को चिह्नित किया गया है। मौनू शाह आदि विभिन्न बीमा कम्पनियों के एजेंट के रूप में काम करते तथा बीमित व्यक्तियों के नम्बर हैक कर भोले भाले लोगों को ख्वाब दिखाकर उनसे ठगी करते है। पुलिस ने अंकुर वर्मा व शरद गुप्ता को भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है।



ये है पूरा मामला

बीकानेर के चारणवाला निवासी महेशदान चारण ने 1 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर अपनी परिवेदना बताई थी। चारण ने बताया कि उसने वर्ष 2015 में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस से दो पॉलिसियां करवाई थी। उसके बाद कई कॉल केन्द्रों से पुरुष व महिलाओं के फोन आए। जिसमें उन्होंने एचडीएफसी नेच्युरल लाइफ, रिलाइंस बीमा कम्पनियों से बीमा करवाने तथा अधिक बोनस तथा कम दर पर ऋण देने का सपना दिखाया। उसने छह लाख की बीमा करवा ली। इसी दौरान उसके पास बोनस के नाम पर दस लाख रूपए की राशि का फर्जी चेक आया तथा बोनस पेटे 3.75 लाख भरने को कहा गया। इसको सही मानकर उसने बताए गए नम्बरों पर उक्त राशि जमा करवा दी। उसके बाद फिर 52 लाख रुपए की राशि का फर्जी चेक भेजकर 10 लाख रुपए की राशि टैक्स जमा करवाने को कहा। उक्त राशि जमा करवाने के बावजूद उसको उक्त चेक के मुताबिक बोनस राशि का भुगतान नहीं मिला। बाद में इन्होंने रिजर्व बैंक में फाइल अटकने तथा पॉलिसिया कैंसिल करने का दबाव बनाकर उसके बैंक खातों से ओटीपी लेकर 22 लाख 50 हजार रूपए की राशि ठग ली।

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