बीकानेर

चार महीनों बाद आखिर खुल ही गयी देवीसिंह मर्डर मिस्ट्री, पत्नी के अनैतिक संबंधों के चलते हुई हत्या

चार महीने बाद सुलझी हत्या की गुत्थी, अवैध संबंधों में बाधा बने प्रेमिका के पति की दोस्तों के साथ मिलाकर इस तरह की हत्या

बीकानेर। पुलिस की इच्छा शक्ति अगर मजबूत हो तो क्या कुछ मुमकिन नहीं है। चार महीने पुराने देवीसिंह हत्या प्रकरण मामले में बीकानेर की पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। रेल दादाबाड़ी मंदिर के नजदीक चार महीने पहले युवक देवीसिंह की हत्या कर डाले गए शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में बीछवाल थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत छ जनो को हिरासत में लिया है।  पत्नी के अवैध संबंधों के चलते हुई देवीसिंह की हत्या। … 




वारदात में शामिल सभी आरोपित बिजली कम्पनी के ठेकेदार के यहां काम करते थे। हत्या की वारदात भी रानी बाजार जीएसएस में अंजाम देकर जीएसएस की गाड़ी से ही शव को फेंकने के लिए ले जाया गया। सीओ सदर राजेन्द्रसिंह ने बताया कि गत 26 दिसम्बर की रात को मुख्य डाकघर के पीछे पुरबिया निवासी देवी सिंह की हत्या कर रात २ बजे शव को कानासर मार्ग पर फेंका गया था। अगली सुबह पुलिस को लावारिश हालत में शव मिला तो बीछवाल थाने में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई। प्रारम्भिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने गत 9 फरवरी को मामला हत्या में तब्दील कर दिया गया।

हत्या में ये थे शामिल 

पुलिस जांच में पता चला कि युवक देवी सिंह की हनुमान हत्था गली नंबर पांच निवासी हेमंतसिंह पुत्र करणीसिंह राजपूत, सिद्धमुख के दासियावास निवासी राकेश पुत्र बलवानसिंह खाती जोधपुर हाल रानीबाजार जीएसएस निवासी हिमांशु पुत्र गोपालसिंह राजपूत, समतानगर निवासी कमलकांत पुत्र ब्रजमोहन शर्मा, नागौर के ईशरनावडा निवासी अर्जुनसिंह पुत्र गोरधनसिंह राजपूत, भिश्तियों का मोहल्ला निवासी नदीम पुत्र शमसुद्दीन भिश्ती ने वारदात को अंजाम दिया। सभी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मृतक की पत्नी से पूछताछ की जा रही है।



इस तरह दिया वारदात को अंजाम 

पुलिस ने दो दिन पहले रानीबाजार स्थित जीएसएस से हेमंत राजपूत को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या का राज उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने सभी छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद सभी आरोपित शव को रेल माता मंदिर के पास पटक कर अलग-अलग हो गए। सभी बिजली कम्पनी के ठेकेदार के पास नौकरी करते थे। वारदात का खुलासा नहीं हो इसके लिए आरोपित नदीम ने नौकरी छोड़ दी। राकेश और कमलकांत अवकाश पर चले गए।


अवैध संबंधों के चलते की गयी हत्या 

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित हेमंत सिंह राजपूत और मृतक देवीसिंह की पत्नी मीनाक्षी उर्फ लक्ष्मी कंवर के बीच ९ साल से अवैध संबंध थे। आरोपित मीनाक्षी का तलाक करवाना चाहता था। इसमें सफल नहीं होने पर हत्या की साजिश रची।

सीआई शेखावत ने बताया कि मृतक देवीसिंह शराब का आदी था। आरोपित हेमंत गत 26  दिसम्बर की रात को देवीसिंह को रानीबाजार स्थित बिजली विभाग केजीएसएस पर ले गया। पहले उसे शराब पिलाकर मारपीट की और तलाक के कागजात पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। हस्ताक्षर नहीं करने पर देवी सिंह की पीट-पीट कर हत्या कर दी। शव को जीएसएस की ही कैम्पर गाड़ी में डालकर कानासर रोड स्थित रेल माता मंदिर के पास पटक आए।


दबाव आय काम 

सामाजिक संघठनो व मीडिया ने भी इस मुद्दे को बड़ी प्रखरता से उठाया  तब जाकर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज़ कर जाँच शुरू की. बाद में हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजनों और सावधान संस्थान के दिनेशसिंह भदौरिया ने एसपी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था। 

यह थी टीम

हत्या का खुलासा करने वाली टीम के सीओ राजेन्द्रसिंह, सीआई धीरेन्द्रसिंह शेखावत, हवलदार जिलेसिंह व गजेन्द्रसिंह, सिपाही ओमसिंह, हनुमानराम, हंसराज को एसपी ने पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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