बीकानेर

पूनरासर हनुमानजी मन्दिर के स्थापना के तीन सौ वर्ष के उपलक्ष्य में राम कथा

श्रीडूंगरगढ़। भंवरों की गूंजन, शीतल पवन की बहार, उछाल भरती नदियां, धुंदभी बजाते देवता इन स्वरों से गुंजायमान करते संत मुरलीधर के आह्वान पर श्रद्धालु करतल ध्वनि कर रहे थे । पांडाल में बज रहे ढ़ोल, नगाड़े एवं शंखनाद की धुन पर राम नाम का उद्घोष के साथ श्रद्धालु झूम रहे थे ।

यह दृश्य पूनरासर धाम में चल रही रामकथा में रविवारको राम जन्म महोत्सव का था। यहां पूनरासर हनुमान मन्दिर के ३००वेंं स्थापना वर्ष के अवसर पर मन्दिर पूनरासर हनुमानजी पुजारी ट्रस्ट की ओर से आयोजित संगीतमयी रामकथा में जैसे ही रामलला, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के जन्म के वृतांत सुनाए तो ‘भये प्रकट कृपाला दीनदयाला के स्वर लहरियां गुंजायमान होने लगी।

पुष्प वर्षा कर मिठाइयां बांटी

श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर मिठाइयां बांटी एवं बधाइयां दी । इससे पूर्व कथा का वाचन करते हुए संत मुरलीाधर ने कहा कि राम आदि-अनादि परमात्मा है । भगवान तो कण-कण में व्याप्त है । सच्चे मन से पुकारों तो भगवान भक्त के पास दौड़े चले आते है। राम नाम व सत्संग के बिना जीवन अधूरा है। रामकथा के श्रवण मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा से भगवान राम के मर्यादित जीवन से जीने की सीख मिलती है।

दूर-दराज से पहुंचे

कथा में दूरदराज के गांवों से श्रद्धालु पहुंचे तथा पांडाल खचाखच भर गया। प्रदेश सहित हरियाणा, पंजाब, गुजरात, आसाम, महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं । यहां की धर्मशालाअें में काफी संख्यां में भक्त ठहरे हैं । ट्रस्ट ने नि:शुल्क बसों, आवास व भोजन की व्यवस्था की है ।

आज होगा प्रवचन

यहां पूनरासर हनुमानजी मन्दिर के स्थापना के तीन सौ वर्ष के उपलक्ष्य में राम कथा, महायज्ञ के अलावा कई धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे रहे हैं। इसी श्रृंखला में सोमवार रात आठ बजे श्रीधर प्रकाश ब्रह्मचारी द्वारा प्रवचन दिया जाएगा।

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