बीकानेर

बीकानेर पीबीएम ओपीडी में नहीं टिकते डॉक्टर, घर पर देखते है मरीज़ !

बीकानेर। जिले में मौसम में बदलाव के साथ ही मर्ज बढऩे लगा है,इससे पीबीएम होस्पीटल में बढ़ते मरीजों के कारण ओपीडी हाउस फुल रहने लगी है। भीड़ के चलते मरीजों व उनके परिजनों को इलाज कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बार-बार यहां-वहां देर तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। मगर विडम्बना है कि लंबी लाईनों में नंबर लगने के बाद भी उन्हे ईलाज के लिये डॉक्टरों के घर पहुंचना पड़ता है,क्योंकि पीबीएम के ज्यादात्तर डॉक्टर ओपीडी में ज्यादात्तर नहीं टिकते। ऐसे में दोपहर एक बजे बाद ओपीडी में मरीजों भीड़ छंट जाती है और डॉक्टरों के घर के मरीजों का सैलाब से उमड़ा दिखाई देता है।

लंबे समय से चल रहा ये सिलसिला 

डॉक्टरों की नादरशाही का यह सिलसिला अभी से नहीं लंबे समय से चल रहा है और होस्पीटल प्रबंधन इससे अच्छी तरफ वाफिक होने के बावजूद भी डॉक्टरों की नादरशाही पर लगाम कसने में नाकाम बना हुआ है। इस नादरशाही के मामले में पीबीएम के कई डॉक्टरों के नाम सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे है इनमें डॉ.सुशील फलोदिया,डॉ.जितेन्द्र फलोदिया,डॉ.बीसी घीया,डॉ.रविदत्त गौड़,डॉ.विजय तुंदवाल,परमिन्दर सिरोही के नाम शामिल है। इसके अलावा सर्जरी विभाग के डॉक्टर भी ओपीडी ड्यूटी टाईम में गैर मौजूद रहने से लगातार सुर्खियों में है।

मरीज़ घंटों लाइन लग कर करते है इंतज़ार 

जानकारी में रहे कि मौसम में आये बदलाव से बीमारियों के प्रकोप में लोग खांसी, जुकाम, बुखार के अलावा डेंगू, स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज होस्पीटल पहुंच रहे है। यहां इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज व उनके परिजनों को रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर डॉक्टर को दिखाने कतार में रहना पड़ रहा है। भारी भीड़ के बावजूद पीबीएम की नई ओपीडी में रजिस्ट्रेशन के लिए एक काउंटर संचालित है। इस लिये रोगियों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिये घ्ंाटों लाईन में लगे रहना पड़ता है और बड़ी मुश्किल से नंबर आने पर रजिस्ट्रेशन के बाद रोगी जब डॉक्टर के कक्ष तक पहुंचता है तो डॉक्टर सीट से गायब मिलते है।

हालांकि पीबीएम प्रशासन का दावा है कि तमाम डॉक्टर ओपीडी में निर्धारित समय तक बैठकर रोगियों को देखते है लेकिन हकीकत यह है कि गिनती है ऐसे डॉक्टर है जो ओपीडी में अपना पूरा समय देते है इनके अलावा ज्यादात्तर डॉक्टर देर से पहुंचते और जल्दी चले जाते है।

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