अजब गजबत्यौहारबीकानेर

तेज गर्मी में भी ड़टे रहे शहरवासी ‘ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया 530वां नगर स्थापना दिवस!

530 वर्ष का हुआ बीकाणा (बीकानेर) शनिवार को अक्षय तृतीय पर पतंग महोत्सव की उमंग में डूबा है
स्थापना दिवस के मौके पर होने वाले इस पतंग महोत्सव में लोग 45 डिग्री के तापमान पर भी अपने घरों की छतों पर पतंग उड़ाने में व्यस्त हैं.

जहां एक तरफ समूचा रेगिस्तान तप रहा है, वहीं आसमान रंग बिरंगी पतंगों से रंगा है. शहर के घरों की छतों पर हर कोई पतंगबाजी में मशगूल है और सामने वाले की पतंग काटने पर बोई काटिया नारे की गूंज से समूचा शहर गूंज रहा है.

रंग बिरंगी पगड़ी पहने, राजस्थानी लिबास में बीकानेर के लोग आज भी 530 साल पुराणी परंपरा निभा रहे हैं. बीकानेर की स्थापना के दिन बीकानेर में पतंग उत्सव की शुरुवात शंखनाद से की जाती है.
हवेलियों के इस शहर बीकानेर को राजा राव बीका ने बसाया था और इस सूर्यवंसी राजा ने 530 साल पहले एक गोल सूर्य नुमा आकार की पतंग ‘चंदा’ उड़ाई थी, जिसे आज भी शहरवासी शिद्दत से निभा रहे हैं. यह चंदा पतंग मोटे कागज से बनी होती है और मांजे की बजाय रस्सी से उड़ाई जाती है.

इन पतंगों में राजाओं के चित्र, श्लोक और फिल्म स्टार्स भी नजर आते हैं. इस पतंग के उड़ने से पहले इसकी पूजा की जाती है और फिर इसे उड़ाया जाता है.

लोग अपनी छतों पर राजस्थानी गीत गाते हैं और मौज मस्ती से इस त्योहार को मानते हैं. इस साल फिल्म स्टार्स के पतंगों की धूम है. मार्केट में इसका मांझा बरेली से आता है.

Tags
Show More

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker