बीकानेरबीकानेर संभाग

महंगे शौक के चलते चुराता था बाइक्स, पुरे गिरोह का हुआ पर्दाफाश!

अपने महंगे शौक के चलते चुराता था बाइक, गैंग बनाकर दिया वारदात को अंजाम, अब तक24 से आधिक वारदात कबूल की!

बीकानेर: इन दिनों शहर में लगातार बढ़ रही बाइक चोर गिरोह ने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। पुलिस के नाक के नीचे से मोटर बाइक उड़ा ले जाते थे मगर भनक तक नहीं लगने देते थे। आखिर कर पुलिस को कामयाबी मिली और इस गैंग का मुख्य सरगना पुलिस हत्थे चढ़ गया।  पूरी गैंग का पर्द्पाश हो गया है। इस गैंग ने पिछले एक साल से दो दर्जन से अधिक बाइक शहर के कई इलाकों से चोरी करने की वारदात को अंजाम दिया। गिरोह ने  विभिन्न इलाकों से बाइक चोरी कर ओने – पोने दामों में बेच देते थे।  गिरोह में दो आरोपियों के साथ एक नाबालिग भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने 24 बाइक चोरी की वारदात को कबूला हैं। जिसमें पुलिस ने  23 बाइक बरामद भी कर ली हैं।

दो दर्जन से अधिक मौतों के बाद, आखिरकार खत्म हुई ड़ॉक्टरों की हड़ताल!

महंगे शौक पुरे करने के लिए करते थे चोरी

पकडे जाने पर आरोपीयों ने बताया वो अपने महंगे शौक पुरे करने के लिए बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते थे। इन्होने करीब साल भर से शहर के कई इलाकों से बाइक उठाने की घटना को अंजाम दिया है। इन्हें पकड़ने के लिए एस.पी सवाईसिंह गोदारा के आदेश पर वृत्ताधिकारी सदर राजेंद्रसिंह थानाप्रभारी लक्ष्मणसिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने मुखबिर की सुचना के आधार पर  गिरोह के मुखिया मांगीलाल निवासी स्वरूपदेसर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।  जिसे बीछवाल थाने में पेश कर रविवार को जे.सी कर दिया।  पूछताछ में आरोपी  ने अशोक निवासी सूडसर एक नाबालिग के नाम का भी  खुलासा किया। बाद में मुखबिर की सूचना पर अशोक को गिरफ्तार करते हुए नाबालिग को दस्तयाब किया। 

भीड़ – भाड़ वाली जगह से उठाते थे बाइक

वाहन चोरी से पहले वो रेकी करते थे और ऐसी जगह का चुनाव करते थे जहाँ भीड़ भाड़ आधिक हो इसलिए इस मोटर साईकल चोर गिरोह ने चोरी करने के लिए बैंक, कोर्ट, कलेक्ट्रेट, हॉस्पिटल जैसे भीड़ वाले स्थानों को चिन्हित कर रखा था क्योकि पर आने वाले वालों को अपना काम निपटाने में समय ज्यादा लगता है। इसके चलते चोर गिरोह अपनी वारदात का आराम से अंजाम दे सके। एक शख्स ऑफिस में जाने वाले पर नजर रखता था। दूसरा बाइक चोरी कर ले जाता। आरोपी ग्रामीण क्षेत्र के होने की वजह से प्राइवेट बस में आते। जाते समय बाइक चोरी कर ले जाते। 

बहुत ही कम दामों में बेच देते थे

गिरोह बाइक चोरी कर उन्हें बहुत कम दामों में बेच देते थे। गांवों में जाकर ऐसे लोगों को तलाश करते जो कम पढ़े लिखे हो और उनके झांसे में आसानी से आ जाये । आरोपी बाइक को 2000 – 2500 में बेच देते थे । पुलिस अब उन लोगों को की धर पकड़ रही है जिन्होंने चोरी की बाइक खरीदी है। पुलिस अब आरोपियों का अपराधिक रिकार्ड खंगालने में जुटी है।

इस टीम की मिली कामयाबी

सीओ सदर राजेन्द्रसिंह व थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह के नेतृत्व में गठित में उपनिरीक्षक संदीप कुमार, हैड कांस्टेबल विनोद भांभू, हनुवंतसिंह, कांस्टेबल कानाराम व पुरुषोतम शामिल थे। करीब एक महीने बाद गिरोह को पकडऩे में कामयाबी मिली।

 

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