देशनई दिल्ली

‘अटल मृत्यु’ से हारे भारत रत्न वाजपेयी, राष्‍ट्रीय स्‍मृति स्थल पर होगा अंतिम संस्कार, 7 दिन का राष्ट्रीय शोक!

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार शाम एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया वह 93 साल के थे एम्स ने शाम को बयान जारी कर बताया ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 अगस्त 2018 को शाम 05.05 बजे अंतिम सांस ली. अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद देश में सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा

वाजपेयी का पार्थिव शरीर सुबह नौ बजे बीजेपी मुख्यालय ले जाया जाएगा। यहां उनका पार्थिव शरीर आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी का अंंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 01:30 बजे वाजपेयी की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। .यह अंतिम यात्रा बीजेपी दफ्तर से स्मृति स्थल को निकाली जाएगी

भारत रत्न से सम्मानित

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी अस्वस्थता के चलते लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर थे वे डिमेंशिया नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. 2009 से ही वे व्हीलचेयर पर थे देशवासियों ने उन्हें अंतिम बार 2015 में 27 मार्च को देखा। जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भारत माता के इस सच्चे सपूत को भारत रत्न से सम्मानित करने उनके आवास पर पहुंचे

दो महीने पहले वाजपेयी की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। यूरिन में इन्फेक्शन के चलते 11 जून को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी और देश की अलग-अलग पार्टियों के नेता और अनेक गणमान्य हस्तियां उनका हालचाल जानने पहुंचीं। उनके समर्थक लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहे थे, हालांकि कुदरत को शायद कुछ और मंजूर था

सक्रिय राजनीति में पांच दशक से ज्यादा

अटल बिहारी वाजपेयी देश की सक्रिय राजनीति में पांच दशक से ज्यादा समय तक रहे वे देश के पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री थे उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1952 में लड़ा हालांकि पहली जीत उन्हें 1957 में मिली। तब से 2009 तक वे लगातार संसदीय राजनीति में बने रहे. 1977 में वे पहली बार मंत्री बने। जबकि 1996 में वे 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री भी रहे

हालांकि 1998 में उन्हें एक बार फिर पीएम बनने का मौका मिला। उनकी ये सरकार भी सिर्फ 13 महीने चली लेकिन इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के बहुमत वाली सरकार बनी और वाजपेयी ने पीएम के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए

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