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इसबार जन्माष्टमी पर बन रहा है बेहद दुर्लभ संयोग, भूलकर भी ना करें ये काम!

धर्म। भगवान विष्णु के आठवें अवतार कृष्णजी का जन्म भारत सहित दुनियाभर में बहुत धुमधाम से मनाया जाता है। इसबार कृष्ण जन्माष्टमी पर ठीक वैसा ही संयोग बना है, जैसा द्वापर युग में बाल गोपाल के रूप में भगवान धरती पर अवतार लिया था। इस संयोग को कृष्ण जयंती के नाम से जाना जाता है।

ग्रंथो के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में आधी रात यानी बारह बजे रोहिणी नक्षत्र हो और सूर्य सिंह राशि में तथा चंद्रमा वृष राशि में हों, तब श्रीकृष्ण जयंती योग बनता है। ऐसा दुर्लभ संयोग बार-बार नहीं बनता है इसलिए भूलकर भी कुछ ऐसे काम नहीं करने चाहिए, जिसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ें

किसी के साथ गलत व्यवहार ना करें

जन्माष्टमी का दिन पुण्य कार्य का है, इस दिन किसी के साथ भी गलत व्यवहार नहीं करना चाहिए। गलत व्यवहार कभी किसी के साथ नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में गरीब या असहाय व्यक्ति को परेशान करने वाले को कभी माफ नहीं किया गया है। शनिदेव इस तरह के काम करनेवालों से जल्दी नाराज होते हैं।वृक्ष को ना काटेंशास्त्रों में बताया गया है कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन घर में जितने भी सदस्य हैं, उनके नाम के वृक्ष लगाने चाहिए और हर रोज उनकी देखभाल करें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। लेकिन भूलकर भी इस दिन वृक्ष नहीं काटने चाहिए।

वाद-विवाद ना करें

जन्माष्टमी का दिन मन को शांत रखें और ईश्वर का ध्यान करें। जन्माष्टमी के व्रत को व्रतराज भी कहा गया है, इस व्रत को करने से आपकी हर समस्या का समाधान हो जाता है। इसदिन भूलकर भी घर में वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। इससे घर की लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं।

शारीरिक संबंध ना बनाएं

शास्त्रों में बताया गया है कि जन्माष्टमी के उपावस के एक दिन पहले या फिर उसी दिन स्त्री-पुरुष को प्रसंग से बचना चाहिए। इस दिन संबंध बनाना अशुभ और परलोक में कष्टकारी माना गया है। इस दिन शरीर, मन तथा बुद्धि में सामंजस्य बनाए रखना चाहिए।

देर तक ना सोएं

जन्माष्टमी का त्योहार साल में एकबार आता है, इस दिन को आप सोने में व्यर्थ करें। सुबह जल्दी उठकर भगवानजी की पूजा करनी चाहिए और मन में ईश्वर को याद करना चाहिए।

महिलाओं का करें सम्मान

भगवान कृष्ण की पत्नी रुक्मणी मां लक्ष्मी का रूप थीं। जिस घर में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, वहां कभी भी माता लक्ष्मी वास नहीं करती। जिस घर में माता लक्ष्मी प्रसन्न हो जाएं वहां कभी किसी चीज की कमी नहीं होती।

तुलसी का पत्ता ना तोड़ें

भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है, भगवान के भोग में तुलसी का पत्ता अवश्य होना चाहिए। शास्त्रों में बताया गया है कि जन्माष्टमी के दिन सिर्फ भगवान के भोग के लिए तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए। जो भी व्यक्ति बिना स्नान किए तुलसी का पत्ता तोड़ता है, उसकी पूजा कभी भी स्वीकार नहीं की जाएगी।

मांस-शराब का सेवन न करें

जन्माष्टमी के दिन विशेष संयोग बन रहा है। इस वजह से इस दिन मांस और शराब के सेवन से भी बचना चाहिए।

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