राजस्थान

पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ाई, मरीज अब भगवान भरोसे!

बीकानेर : बीकानेर में मरीज अब भगवान भरोसे कर रहे है परेशानी का सामना जूनियर डॉक्टर भी आज़ से हड़ताल पर चले गये. वही मेडिकल टीचर भी ओपीटी सेवाओं बहिष्कार की घोषणा कर दी है.  हड़ताल के चलते डी और ई वार्ड बँद कर दिये है. लड़खड़ाई व्यवस्था पी बी एम हॉस्पिटल की चिकित्सकों की हड़ताल के चलते पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ा गई है। अधिकतर वार्ड से मरीजों को अवकाश दिया जा चुका है। सरकार व डॉक्टरों की हठधर्मिता आमजन की सांसों पर भारी पड़ रही है। प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। चिकित्सक और सरकार दोनों ने मरीजों को राम भरोसे छोड़ दिया है। हालत यह है कि संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में अब 15 फीसदी ही ओपीडी रह गया है। एेसे में अस्पताल प्रशासन ने पीबीएम के 11 वार्डों को बंद कर दिया है।

वैकल्पिक व्यवस्था बढ़ाई

मेडिसिन व सर्जरी में केवल दो-दो वार्ड कर दिए गए हैं। इन वार्डों में भी मरीज बहुत कम हैं। सोमवार से राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सक भी ओपीडी की सेवाएं नहीं देंगे। सेवारत चिकित्सकों, सीनियर व जूनियर रेजीडेंट्स और इंटर्न मेडिकल छात्रों के हड़ताल पर जाने के बाद मेडिकल कॉलेज स्तर के अस्पतालों में भी हालात खराब हो गए हैं। अब सीनियर चिकित्सक व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन उनके लगातार ड्यूटी करने के बावजूद आमजन को राहत नहीं मिल रही। अब राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने भी २५ दिसंबर से अस्पतालों में ओपीडी के बहिष्कार करने तथा केवल ईमरजेंसी सेवाएं देने की घोषणा कर दी, जिससे चिकित्सा महकमे के उच्चाधिकारियों की नींद उड़ गई है।

एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरपी अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टरों की हड़ताल के मद्देनजर चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी है। वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन नाकाफी है। आरएमसीटीए से जुड़े डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे तो स्थिति और विकट हो जाएगी। इसके बाद रेलवे व सेना के चिकित्सकों की मदद लेनी पड़ेगी।इसके लिए जिला कलक्टर व राज्य सरकार को अवगत करा दिया है। 

इमरजेंसी सेवाएं ही देंगे

सरकार डॉक्टरों के साथ अन्याय नहीं करें। बातचीत कर समाधान करे। सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में सोमवार से ओपीडी का बहिष्कार करेंगे। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए इमरजेंसी सेवाएं देंगे। भर्ती रोगियों के इलाज में कमी नहीं रहने देंगे। सरकार अब भी नहीं मानी तो आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। 

डॉ. गुंजन सोनी, सेक्रेटरी, आरएमसीटीए

डॉक्टरों की हड़ताल से प्रदेश की जनता परेशान है। सरकार डॉक्टरों की हड़ताल खत्म कराने में नाकाम साबित को चुकी है। डॉक्टर्स चिकित्सा मंत्री से बात करने से मना कर चुके हैं। मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में हो रहे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं, जबकि यहां अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीज मर रहे हैं। मुख्यमंत्री चिकित्सकों से बातचीत कर हल निकालें और भटकते मरीज-परिजनों को राहत पहुंचाएं। 

– गोपाल गहलोत, कांग्रेस नेता

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