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सीनियर के बाद अब रेजिड़ेंटों ने भी छोड़ा अस्पताल, मरीज भगवान भरोसे!

सीनियर के बाद अब रजिड़ेटों ने भी छोड़ा अस्पताल, मरीज भगवान भरोसे!

बीकानेर:पिछले सात दिनो से प्रदेश भर में डॉक्टरों की हड़ताल जारी हैं । ऐसे में अब हालात बद से बदतर होते नज़र आ रहे हैं। जहां हड़ताल के साथ बेरहम सरकार और डॉक्टरों का चेहरा नज़र आ रहा हैं। जिसका ख़ामियाज़ा अब सीधे-सीधे बेचारी आम जनता को भुगतना पड़ रहा हैं। ऐसे में बीकानेर संभाग की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई हैं ।

आखिर क्यों रूठ गये धरती भगवान

राजस्थान में जहां धरती पर भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर इन दिनो रूठ गए हैं यानी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते बीकानेर के सबसे बड़े पीबीएम हॉस्पिटल सहित तमाम चिकित्सा केंद्रो पर चिकित्सा सिस्टम चरमरा गया हैं। वहीं दूसरी ओर मरीज़ दरबदर भटकते नज़र आ रहे हैं।

दर – दर की ठोकरें खा रहे है मरीज

बीकानेर के हॉस्पिटल पूरी तरह ख़ाली होते नज़र आ रहे हैं तो वही मरीज़ के परिजन चार दिन से परेशानी के बाद अपने मरीज़ों को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाने को मज़बूर हैं। वही मरीज़ भटक रहे हैं तो हॉस्पिटल में लम्बी कतारे भी लगी हुई हैं, जहां सेवारत डॉक्टर हड़ताल पर जाने के बाद अब रेजिडेंट भी हड़ताल पर हैं जिसके बाद अब हाल ओर बेहाल हो चुके हैं।  मरीज़ ओर उनके रिश्तेदारो का कहना हैं कि डॉक्टर अपनी मांगों के लेकर आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

भाजपा नेताओं व नागरिकों ने मौन जुलूस

भाजपा नेता सुरेन्द्रसिंह शेखावत, युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रमसिंह भाटी, कर्मचारी नेता भंवर पुरोहित, एडवोकेट अशोक भाटी, मुजीब खिलजी, भंवरलाल जांगीड़ की अगुवाई में पीबीएम से कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाला। मुख्यमंत्री राजे के नाम ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने डाक्टर्स की हड़ताल को अमानवीय बताते हुए मांगों के लिए हड़ताल के रूप में ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया। 

आखिरकार जिला प्रसाशन ने ली सुध 

दूसरी ओर जिला प्रशासन ने गुरुवार को भी इंतजामों की समीक्षा की। रेजीडेंट्स की हड़ताल देख वैकल्पिक इंतजाम किये गये। इसमें मुख्य तौर पर 15 निजी हॉस्पिटल्स में फ्री आउटडोर सेवा देने का निर्णय लिया गया है। व सूची जारी कर दी लेकिन यहां फ्री दिखाने और सरकारी दवाइयों का लाभ लेने के लिए मरीजों को पहले सरकारी हॉस्पिटल जाना होगा। वहां से सरकारी पर्ची लेकर वे निजी हॉस्पिटल जाएंगे। वहां इन पर्ची वाले और पैसे देकर दिखाने वालों की अलग कतार लगेगी। सरकारी पर्ची पर लिखी दवाइयां फ्री लेने वापस सरकारी हॉस्पिटल आना होगा। 

इन 15 निजी हॉस्पिटल में वैकल्पिक सुविधा

एम एन हॉस्पिटल, बीकानेर नर्सिंग होम , श्रीराम हॉस्पिटल, सुराना नर्सिंग होम, चलाना हॉस्पिटल, तुलसी धारणिया मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल, न्यू अपोलो हॉस्पिटल, एएसजी आई हॉस्पिटल, श्याम अग्रवाल चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, सुगनी देवी जेसराज बैद हॉस्पिटल। नोखा में सुराना नर्सिंग होम, संजीवनी हॉस्पिटल। खाजूवाला में डा.भंवरसिंह तंवर। श्रीडूंगरगढ़ में गुरुकृपा हॉस्पिटल एवं जोशी हॉस्पिटल को इस आउटडोर सेवा के लिए अधिकृत किया गया है। 

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