बीकानेरबीकानेर संभाग

सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल जारी, सरकार और डॉक्टर की लड़ाई में पिस रहे मरीज़!

बीकानेर : सेवारत चिकित्सक, सीनियर रेजीडेंट्स व रेजीडेंट्स की हड़ताल  बीमार मरीज़ों की ज़िंदगी पर भारी पड़ रही. दोनों की ज़िद्द के चलते भुगतना आम लोगों को पड़ रहा है.  हड़ताल  के चलते संभाग के  सबसे बड़ा अस्पताल पीबीएम के हालत बद से बदतर होने लगे है। ओपीडी भले ही ५० फीसदी कम हो गया हो लेकिन कुछ गंभीर रोगी पहले से और हड़ताल के बाद में भर्ती हो रहे हैं, उनकी सार-संभाल करना मुश्किल हो रहा है। आम दिनों में पीबीएम अस्पताल के जिन वार्डों में मरीजों को बैड नहीं मिलते थे वहीं अब अधिकांश बैड खाली पड़े हैं। मरीज छुट्टी लेकर घर जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों को पूरा इलाज मिल नहीं रहा है।

जनाना अस्पताल में गुरुवार को एक प्रसूता के परिजन भड़क गए। उनका आरोप था कि चिकित्सक दो दिन से छुट्टी का कह रहे हैं, लेकिन डिस्चार्ज कार्ड तैयार नहीं किया। नर्सिंग स्टाफ छुट्टी देने में असमर्थता जता रहे हैं। दोपहर हो गई, लेकिन छुट्टी की तैयार नहीं की। इस पर परिजन व नर्सिंग स्टाफ में बहस हो गई। बाद में सुरक्षा प्रभारी, सीनियर चिकित्सक मौके पर पहुंचे और समझाइश की। चिकित्सकों ने डिस्चार्ज कार्ड तैयार कर मरीज को घर भेजा।

पीबीएम अस्पताल को एक हजार चिकित्सक संभाल रहे थे। हड़ताल के चलते 250 से कम चिकित्सक मरीजों की सार-संभाल कर रहे हैं। ओटी, ओपीडी, आईपीडी प्रभावित हैं। प्रसव जनाना अस्पताल में होने और प्रसूता को भर्ती करना मजबूरी हो गया है। शेष विभागों में मरीजों की भर्ती बहुत कम हो रही है। मेजर व माइनर ऑपरेशनों की संख्या 72 रह गई है। सीनियर डॉक्टर मरीजों को देखने, वार्डों का राउंड, ऑपरेशन करने सहित भर्ती मरीजों की जांचें के फॉर्म भरने, डिस्चार्ज कार्ड तैयार करने सहित अन्य कामकर रहे हैं, जिससे मरीजों के साथ खानापूर्ति हो रही है। सरकारी अस्पतालों में हड़ताल से निजी अस्पतालों में भी भीड़ है।

 

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