अजब गजब

बेटी मधु ने निभाया बेटा होने का फ़र्ज़, माँ को दी मुखाग्नि!

कहते हैं बेटी बेटों से कम नहीं होती, जो काम बेटा कर सकता है वही काम बेटी भी कर सकती है। सागर में ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां बेटे की जिम्मेदारी बेटी ने बखूबी निभाई

सागर. कहते हैं बेटी बेटों से कम नहीं होती, जो काम बेटा कर सकता है वही काम बेटी भी कर सकती है। सागर में ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां बेटे की जिम्मेदारी बेटी ने बखूबी निभाई। दरअसल यहां एक बेटी ने पूरे रीति रिवाज निभाते हुए अपनी मां का अंतिम संस्कार किया। सागर के गांधी चौक वॉर्ड में रहने वाली प्रेमलता पटेरिया का निधन सोमवार दोपहर हो गया था। चूंकि परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं था, इसलिए परिवार की इकलौती बेटी ने मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार कर मुखाग्नि दी।

इकलौती संतान है मधु

आपको बता दें की प्रेमलता पटेरिया अपनी एकलौती बेटी और दामाद के साथ रहती थी। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। बेटी और दामाद ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया। लेकिन मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रेमलता पटेरिया की एक ही संतान मधु है। मां की अंतिम इच्छा थी कि उनकी चिता को उनकी बेटी ही अग्नि देने की रस्म निभाए। अपनी मां की अंतिम इच्छा मधु ने पूरी की। उन्होंने रीति रिवाज पूरे करते हुए अंतिम संस्कार किया।

लोगों की हुई आँखे नम

इधर सागर में जिसने भी ये नजारा देखा उनकी आंखे नम हो गईं।बड़े शहरों में इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं लेकिन सागर में इस तरह बेटी द्वारा अंतिम संस्कार करना बिल्कुल आम नहीं है। बहरहाल बेटे का फर्ज निभाने पर सभी ने बेटी मधु की सराहना की।

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