Worldदुनियां

भारी विरोध प्रदर्शन चलते सरकारी नौकरियों से बांग्लादेश ने हटाया आरक्षण

 बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार  को कहा है कि उन्होंने सरकारी सेवाओं में आरक्षण प्रणाली को खत्म करने का फैसला किया

ढाका. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार  को कहा है कि उन्होंने सरकारी सेवाओं में आरक्षण प्रणाली को खत्म करने का फैसला किया है। विशेष समूहों के लिए आरक्षित नौकरियों वाली विवादित नीति के खिलाफ देश भर में हजारों छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद इसे वापस ले लिया गया। ढाका में छात्रों की भीड़ ने मुख्य मार्गों को बंद कर दिया जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई। हाल के दिनों में ढाका विश्वविद्यालय में हुई झड़प में 100 से ज्यादा छात्र गैस और रबड़ की गोली से घायल हो गए थे।विश्वविद्यालय में गुरुवार को पुलिस तैनात की गई थी।  


प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण समाप्त करने की घोषणा की. उन्होंने संसद में एक बयान में कहा, आरक्षण प्रणाली समाप्त की जाएगी क्योंकि छात्र इसे नहीं चाहते हैं। प्रत्यक्ष तौर पर नाराज प्रधानमंत्री ने कहा, छात्रों ने काफी प्रदर्शन कर लिया, अब उन्हें घर लौट जाने दें। हालांकि प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उन लोगों के लिए नौकरियों में विशेष व्यवस्था करेगी जो विकलांग हैं या पिछड़े हुए अल्पसंख्यक तबके से आते हैं।



नौकरी को लेकर बांग्लादेश में हजारों छात्रों का प्रदर्शन

इससे पहले बीते 11 अप्रैल को बांग्लादेश के विभिन्न शहरों के विश्वविद्यालयों के छात्रों ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया। पिछले लगभग एक दशक से देश की सत्ता पर काबिज प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए यह सबसे बड़ा प्रदर्शन था। छात्र सरकारी नौकरियों से संबंधित एक विवादित नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस नीति के तहत विशेष समूह के लिए सरकारी नौकरियों में विशेष प्रावधान रखा गया है। ढाका में प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्य सड़कों को जाम कर दिया और बड़ी तादाद में ढाका विश्वविद्यालय की तरफ बढ़े। इससे राजधानी में यातायात व्यवस्था चरमरा गयी।


विश्वविद्यालय में पुलिस की तैनाती कर दी गयी थी जहां हाल ही में झड़प में 100 से अधिक छात्र घायल हो गए थे। इसमें पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे और रबड़ की गोलियों का इस्तेमाल किया था। ढाका के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बांग्लादेश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय का हवाला देते हुए बताया, ‘‘डीयू (ढाका युनिवर्सिटी) में 5000 से अधिक प्रदर्शनकारी मौजूद थे। पश्चिमोत्तर ढ़ाका के सावेर में 7000 से अधिक छात्र बड़े राजमार्गों पर उतर आए जिससे राजधानी में यातायात व्यवस्था बाधित हो गयी।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए फेसबुक पेज को लाइक करें

Tags
Show More

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker