बीकानेरमनोरंजन

वेटरनरी ऑडिटोरियम में तबला प्रिसेंज ‘ रिंपा शिवा ‘ का चला जादु !

वेटरनरी ऑडिटोरियम में तबला-वादक रिंपा शिवा का छाया जादु,श्रोतागण हुवे मंत्रमुग्ध । 

एक तबला और लय-ताल की पूरी कायनात तबले पर थिरकतीं कोलकाता की रिंपा शिवा की चंचल और चपल उंगलियां। उम्र और अनुभव में कम लेकिन अपने फन में किसी उस्ताद से कम नहीं। कभी धा-ती-ना-ड़ा, धा-ती-ना-ड़ा ताे कभी धा-धा-धा-गिन, धा-धा-धा-गिन जैसी आकर्षक आवृत्तियां लयकारी का अनूठा मंजर स्थापित कर रही थीं। मशहूर तबला वादक और तबले की राजकुमारी के रूप में पहचानी जाने वाली रिंपा शिवा ने अपने तबला वादन के हुनर से बीकानेर को रूबरू करवाना प्रारंभ किया। तबले की लय से ऐसा समा बांधा की वेटरनरी ऑडिटोरियम मौजूद हर श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठा।

युरोप और अमेरिका में दे चुकी है प्रस्तुतियां

भारत और दुनियाँ के अन्य देशों में अपनी छाप छोड़ने वाले पंडित जसराज एवं बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चैरसिया के साथ भी रिंपा कई प्रस्तुतियां दे चुकी है । 2007 में भारत महामहिम राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के हाथों सम्मान मिल चुका है । रिंपाा शिवा 

देश के महनगरों के साथ-साथ युरोप अमेरिका जैसे देशों में अपनी कला का जादु बिखेर चुकी हैै। 

श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया

मानव चेतना जाग्रति प्रन्यास और लोट्स डेयरी की आेर से संगीतज्ञ स्व. पं.शिवनारायण जोशी स्व.परमानंद जोशी की स्मृति में रिंपा शिवा के एकल तबला वादन कार्यक्रम के दौरान रिंपा ने देशवार, कायदा, रेला, गत, बनारसी लग्गी और फर्रुखाबाद घराने की आकर्षक आवृत्तियां और कायदों के साथ विभिन्न बंदिशों को प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में संतोष जोशी ने राग गोरख कल्याण की रचना प्रस्तुत की। इस मौके पर अविनाश मोदी, शिक्षा निदेशक डॉ.पी.सी.किशन ने रिंपा का सम्मान किया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्यजन मौजूद थे। 

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