बीकानेर

इस वजह से रेल गाड़ियां होती है लेट, बीकानेर मंडल ने किया बड़ा खुलासा !

बीकानेर। लावारिस जानवर रेल संचालन की समय पालनता को प्रभाावित कर रहे हैं। रेल संचालन में गाडिय़ों की संरक्षा और समय पालनता रेलवे की प्राथमिकता है लेकिन पटरियों पर जानवर आने से होने वाली घटनाओं से रेलों का संचालन प्रभावित होता है। उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल के क्षेत्राधिकार में इस वर्ष अगस्त माह तक जानवरों के ट्रेनों के सामने आने की 95 घटनाएं दर्ज की गई है ।

इस बारे में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे का प्रयास रहता है कि यात्री संरक्षित तथा समयानुसार यात्रा करे, लेकिन कई बार इस प्रकार की घटनाएंं घटित हो जाती है, जिसके कारण ट्रेनें देरी से संचालित होती है और यात्रियों की संरक्षा भी प्रभावित होती है। पटरी पर गाडिय़ों के सामने जानवरों का आना भी एक बड़ा कारण है। इसके कारण गाडिय़ों की गति कम करनी पड़ती है और उनको रोकना भी पड़ता है, जिसके कारण गाडिय़ां विलम्ब से चलती है।

यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानवरों के पटरी पर ट्रेन से टकराने से संरक्षा भी प्रभावित होती है व रेल इंजन को भी नुकसान पहुंचता है। जानकारी में रहे कि राजस्थान क्षेत्र में पशुपालन एक प्रमुख व्यवसाय है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अधिक संख्या में पशु चारा चरने के लिए इधर-उधर जाते रहते हैं और वो चरते-चरते पटरी पर आ जाते हैं। ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देते है।

मंडल रेल अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ट्रेक पर जानवरों को खुला छोडऩे से होने वाली दुर्घटना से बचने के लिए रेल प्रशासन दुर्घटना वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां जागरुकता अभियान चलाएगा। पहले पशुपालकों को समझाया जाएगा। इसके बाद भी इस तरह की घटना होने पर जानवरों के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं पर रोक लग सकें। इस प्रकार की घटनाएं समय पालन को प्रभावित करती है।

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